Adenoids in Hindi

Adenoids

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एडीनोइड / ऐडेनोओडाइटिस के लक्षण 

      एडीनोइड बढ़ने से बच्चे को कई तकलीफें होती है –

  • नाक से साँस लेने में कठिनाई हो सकती है।
  • मजबूरी में मुंह खोल कर   सांस लेने के कारण गले में सूखापन  बनता है।
  • साँस लेने में कठिनाई के कारण खर्राटे आते हैं ।
  • बार-बार नींद टूटती है ।
  • नींद में सांस का रुकना (ऑक्सीजन की कमी )
  • कान का दर्द
  • कम सुनाई  देना
  • शरीर व दिमाग के विकास मे रुकावट।
  • पढाई में ध्यान न लगना।

बढ़े हुए एडेनोइड्स, नाक में साइनस की रुकावट कर सकते  है, जिससे साइनस  संक्रमित हो सकता है ओर सायनूसाइटिस हो जाता है ।बच्चा अनजाने में बहुत से मवाद को निगल लेता है, मुख्य रूप से रात में सो रहा हो।छाती में इन्फेक्शन होने से : बच्चे को निमोनिया या ब्रोंकाइटिस  हो सकता है।

एडीनोइड / एडेनोओडाइटिस के लिए उपचार

 यदि आवश्यक हो, तो विशेषज्ञ बच्चे को एडेनोड्स निकालने के लिए सलाह  करता है।
Adenoidectomy:  यह एडीनोइड को हटाने के लिए शल्य प्रक्रिया है। सर्जरी आमतौर पर एक ईएनटी सर्जन द्वारा अस्पताल या डे-केयर सर्जिकल सेंटर पर किया जाता है।  अमूमन बच्चा सर्जरी करवा कर  उसी दिन घर जा सकता है। एडीनोइड और टॉन्सिल आमतौर पर मुंह के माध्यम से हटा दिए जाते हैं, इसलिए कोई अतिरिक्त चीरा नहीं लगता  हैं। अधिकांश बच्चे एक सप्ताह से भी कम समय में अपनी सामान्य गतिविधियों में वापस आते हैं। पढने व खेलने की क्षमता बेहतर हो जाती है ।”अनेक शोध से यह पता चलता है कि adenoid हटाने का बच्चे की रोग-प्रतिकारक क्षमता पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता ।वास्तव में, adenoid आपरेशन के बाद बच्चों में नाक व  कान के संक्रमण कम होता है ।पढने व खेलने की क्षमता बेहतर हो जाती है ।

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