Vertigo Treatment

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चक्कर आना

वर्टिगो (चक्कर) के कारण

कुछ लोगों को चलते-चलते या अचानक खड़े होने पर सिर का चक्कर आने लगता है और अपना शारीरिक संतुलन बनाए रखने में समस्या होती है। ऐसे में लगता है, जैसे आस-पास की सारी चीजें घूम रही हैं। अगर आप भी ऐसा महसूस कर रहे हैं, तो आपको वर्टिगो के लक्षण हो सकते हैं।

वर्टिगो के कुछ गंभीर मामलों में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है, लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता। यहां हम स्पष्ट कर दें कि ऊंचाई के डर को वर्टिगो नहीं कहते। इसे एक्रोफोबिया कहा जाता है और वह वर्टिगो से बहुत अलग होता है।

 वर्टिगो के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:

  • बेनाइन पैरॉक्सिज्मल पोजिशनल वर्टिगो (Benign Paroxysmal Positional Vertigo – BPPV): इस दौरान कैल्शियम के छोटे-छोटे कण कान के आतंरिक हिस्से में इकट्ठा हो जाते हैं, जिससे कान से दिमाग को भेजे जाने वाले संदेश प्रभावित होते है और संतुलन बनाए रखने में समस्या होती है (3)।
  • सिर पर चोट
  • वेस्टिबुलर तंत्रिका की सूजन
  • भीतरी कान की सूजन और जलन
  • मेनिएरे रोग (कान के भीतरी हिस्से से जुड़ा विकार)
  • वेस्टिब्युलर तंत्रिका पर दबाव

 

एक अन्य प्रकार का वर्टिगो होता है, जिसे सेंट्रल वर्टिगो कहा जाता है। यह दिमाग के निचले या पिछले हिस्से (सेरिबैलम) में समस्या से होता है। इसके कारण पेरिफेरल वर्टिगो से कुछ अलग हो सकते हैं, जैसे :

  • रक्त रोग
  • कुछ दवाएं, जैसे एंटीकॉनवल्सेन्ट्स, एस्पिरिन का दुष्प्रभाव
  • शराब का सेवन
  • मल्टीपल स्क्लेरोसिस (Multiple sclerosis)
  • स्ट्रोक
  • ट्यूमर (कैंसर या गैर-कैंसर)
  • माइग्रेन

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